झारखंड चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना 2026: जानें कैसे करें आवेदन

झारखंड सरकार के ‘श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग’ द्वारा संचालित “चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना” राज्य के निर्माण श्रमिकों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। यह 100% राज्य प्रायोजित योजना है, जिसका उद्देश्य पंजीकृत श्रमिकों को कैंसर, हार्ट सर्जरी और किडनी ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर और महंगी बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।

अक्सर देखा जाता है कि गंभीर बीमारी होने पर गरीब परिवारों की पूरी जमा-पूंजी इलाज में खत्म हो जाती है। इसी संकट को दूर करने के लिए झारखंड सरकार ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है।


बीमारी से लड़ाई में सरकार का साथ: रमेश की कहानी

रांची के रहने वाले रमेश, जो एक राजमिस्त्री हैं, को अचानक हृदय की गंभीर बीमारी का पता चला। ऑपरेशन का खर्च लाखों में था, जिसे जुटा पाना रमेश के लिए असंभव था। तभी उन्हें साथी श्रमिकों से चिकित्सा प्रतिपूर्ति योजना के बारे में पता चला। रमेश ने JBOCWW बोर्ड के माध्यम से आवेदन किया और जिला स्तरीय समिति की मंजूरी के बाद उन्हें इलाज के लिए जरूरी वित्तीय सहायता मिली। रमेश कहते हैं, “अगर यह योजना न होती, तो शायद मेरा इलाज कभी नहीं हो पाता। सरकार की इस मदद ने मुझे नई जिंदगी दी है।”


योजना के मुख्य लाभ (Key Benefits)

  • गंभीर बीमारियों के लिए सहायता: कैंसर, एड्स (AIDS), हार्ट सर्जरी, किडनी ट्रांसप्लांट, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और लिवर ट्रांसप्लांट जैसी बड़ी बीमारियों के लिए आर्थिक मदद।

  • विशिष्ट सर्जरी कवर: स्पाइनल सर्जरी, टोटल हिप रिप्लेसमेंट और रेटिनल डिटेचमेंट जैसी जटिल प्रक्रियाओं के लिए भी सहायता उपलब्ध है।

  • एक बार प्रति बीमारी: यह लाभ एक लाभार्थी को एक बीमारी के लिए एक बार दिया जाता है।

  • पारदर्शी प्रक्रिया: सहायता राशि जिला स्तरीय समिति (DLC) की सिफारिश के बाद सीधे लाभार्थी को दी जाती है।


पात्रता की शर्तें (Eligibility Criteria)

इस योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी होनी चाहिए:

  1. निवासी: आवेदक झारखंड का मूल निवासी होना चाहिए।

  2. पंजीकरण: आवेदक झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (JBOCWW Board) के साथ पंजीकृत श्रमिक होना चाहिए।

  3. आयु: आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।

  4. व्यवसाय: आवेदक निर्माण कार्यों (जैसे राजमिस्त्री, बढ़ई, बिजली मिस्त्री, पेंटर आदि) में लगा होना चाहिए।

  5. बीमारी: आवेदक सूचीबद्ध गंभीर बीमारियों में से किसी एक से पीड़ित होना चाहिए।


ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया (Step-by-Step Process)

आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन है और आप Comprehensive Labour Management System पोर्टल के माध्यम से अप्लाई कर सकते हैं:

चरण 1: पोर्टल पर पंजीकरण (Registration)

  • आधिकारिक पोर्टल पर जाएं और “Login” पर क्लिक करके “Register Here” चुनें।

  • अपना नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर दर्ज करें और एक यूजरनेम-पासवर्ड बनाएं।

  • ओटीपी (OTP) के जरिए सत्यापन पूरा करें।

चरण 2: आवेदन फॉर्म भरना (Application)

  • पोर्टल पर लॉगिन करें और Services > BOC Scheme Benefit > Application Form पर जाएं।

  • अपना BOC रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार नंबर ([Aadhaar Redacted]), जन्म तिथि और जिला जैसी जानकारी भरें।

  • योजनाओं की सूची में से “Chikitsa Pratipoorti Yojana” का चयन करें।

  • मांगे गए दस्तावेजों को स्कैन करके अपलोड करें और “Submit Request” पर क्लिक करें। आपको एक ‘Application ID’ मिलेगी, उसे नोट कर लें।

चरण 3: स्टेटस चेक करना (Application Status)

  • आवेदन का सत्यापन तीन स्तरों पर होता है (क्लर्क > श्रम अधीक्षक > DLC)।

  • स्टेटस देखने के लिए Services > BOC Scheme Benefit > Application Status पर जाएं और अपनी आईडी दर्ज करें।

  • स्वीकृत होने के बाद ‘Approved’ स्टेटस दिखेगा, जिसका प्रिंट निकालकर आप लेबर ऑफिस में जमा कर सकते हैं।


जरूरी दस्तावेज (Required Documents Checklist)

  • आधार कार्ड ([Aadhaar Redacted])।

  • ई-श्रम (eSHRAM) कार्ड

  • झारखंड का मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate)।

  • निर्माण श्रमिक पंजीकरण का प्रमाण (BOC Registration Proof)।

  • बीमारी से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट और प्रमाण

  • आय प्रमाण पत्र

  • बैंक पासबुक की कॉपी

  • पासपोर्ट साइज फोटो


💡 एक्सपर्ट सलाह (Expert Tip for egovtschemes.com)

ध्यान रखें कि वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए आपका अस्पताल स्वास्थ्य विभाग द्वारा अनुमोदित (Approved) होना चाहिए। इलाज शुरू करने से पहले या उसके दौरान अपने जिले के श्रम कार्यालय से मान्यता प्राप्त अस्पतालों की सूची जरूर चेक करें। साथ ही, सभी मेडिकल बिल और डॉक्टर के पर्चे संभाल कर रखें, क्योंकि सत्यापन के समय इनकी मूल प्रतियों की जरूरत पड़ सकती है।


अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न: क्या महिलाएं भी इस योजना के लिए आवेदन कर सकती हैं? उत्तर: हाँ, यह योजना पुरुष और महिला दोनों निर्माण श्रमिकों के लिए समान रूप से उपलब्ध है।

प्रश्न: क्या मध्यप्रदेश या अन्य राज्य के श्रमिक इसके पात्र हैं? उत्तर: नहीं, यह 100% राज्य प्रायोजित योजना है और केवल झारखंड के मूल निवासियों के लिए है।

प्रश्न: क्या इलाज के बाद पैसा मिलता है? उत्तर: यह सहायता जिला स्तरीय समिति (DLC) की सिफारिश और बिलों के सत्यापन के बाद दी जाती है। अधिक जानकारी के लिए अपने जिले के श्रम अधीक्षक कार्यालय से संपर्क करें।

Sources and References

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