खेत में काम करते हुए बिजली का करंट लगा। ट्रैक्टर से accident हो गया। कुएं में गिर गए। या सांप ने काट लिया।
UP में हर साल हजारों किसान ऐसी दुर्घटनाओं में जान गँवाते हैं या अपाहिज हो जाते हैं। परिवार बर्बाद हो जाता है। खेती बंद हो जाती है।
इन्हीं परिवारों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक scheme बनाई है — मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना।
इस scheme में दुर्घटना होने पर किसान या उनके परिवार को ₹5 लाख तक की सहायता मिलती है। और अब यह पूरी process online हो गई है — tहsil जाने की ज़रूरत नहीं।
इस article में बताएंगे:
- कौन-कौन इस scheme का फायदा ले सकता है
- किस-किस दुर्घटना पर कितना पैसा मिलता है
- खतौनी का इस scheme से क्या connection है
- Online apply कैसे करें
- Documents क्या चाहिए
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना क्या है?
यह UP सरकार की योजना है जो 2019 में CM Yogi Adityanath ने शुरू की थी।
इसमें अगर कोई किसान दुर्घटना में मर जाता है या permanently disabled हो जाता है तो उसके परिवार को ₹5 लाख तक की सहायता सीधे bank account में मिलती है।
2026 में यह scheme पूरी तरह digital हो गई है। अब घर बैठे online apply कर सकते हैं — तहसील के चक्कर नहीं लगाने होंगे।
December 2025 तक इस scheme के तहत 29,394 परिवारों को फायदा मिल चुका है।
इस Scheme में कौन-कौन Cover होता है?
यह scheme सिर्फ जमीन के मालिक किसानों के लिए नहीं है — यह बहुत broad है।
इन सभी को फायदा मिलता है:
खतौनी में दर्ज खातेदार — जिनके नाम UP Bhulekh खतौनी में हो।
सह-खातेदार — खतौनी में joint ownership में दर्ज सभी लोग।
बटाईदार (Sharecroppers) — जो दूसरे की जमीन पर खेती करते हैं — उन्हें भी फायदा मिलता है।
भूमिहीन कृषि मजदूर — जिनकी आजीविका agriculture पर निर्भर है।
परिवार के कमाने वाले सदस्य — किसान के बेटे, बेटी, पति/पत्नी जो खेती में मदद करते हैं।
एक ज़रूरी बात — UP Bhulekh खतौनी में नाम होना इस scheme का सबसे आसान proof है। इसीलिए खतौनी up-to-date रखना ज़रूरी है।
किस दुर्घटना पर कितना पैसा मिलता है?
| दुर्घटना | मुआवजा |
|---|---|
| मृत्यु (Death) | ₹5,00,000 |
| दोनों हाथ या दोनों पैर खोना | ₹5,00,000 |
| एक हाथ और एक पैर खोना | ₹5,00,000 |
| दोनों आँखें जाना | ₹5,00,000 |
| एक हाथ या एक पैर खोना | ₹2,50,000 |
| एक आँख जाना | ₹2,50,000 |
| स्थायी अपंगता (Permanent Disability) | ₹2,50,000 |
किन दुर्घटनाओं पर मिलता है यह मुआवजा?
यह scheme सिर्फ खेत में होने वाली दुर्घटनाओं तक सीमित नहीं है। इन सभी cases में मुआवजा मिलता है:
खेती से related:
- ट्रैक्टर, थ्रेशर या अन्य agricultural machine से accident
- खेत में बिजली का करंट लगना
- कुएं, तालाब या नहर में डूबना
- खेत में काम के दौरान सांप या जहरीले जीव का काटना
आकाशीय दुर्घटना:
- बिजली गिरने से (Lightning strike)
- बाढ़ में डूबना
रास्ते में:
- खेत जाते या आते समय road accident
प्राकृतिक आपदा:
- भूकंप, आँधी-तूफान से जान-माल का नुकसान
खतौनी का इस Scheme से क्या Connection है?
यह UP Bhulekh से directly जुड़ी scheme है।
जब आप claim apply करते हैं तो सबसे पहले यह verify होता है कि मृत या disabled व्यक्ति किसान था — और इसका सबसे बड़ा proof होती है UP Bhulekh खतौनी।
खतौनी में नाम दर्ज होना = आप UP का registered farmer हैं।
इसीलिए:
- खतौनी up-to-date रखें
- नामांतरण जल्दी करवाएं
- वारासत के बाद नया खतौनी बनवाएं
अगर खतौनी में नाम नहीं है तो बटाईदार या भूमिहीन मजदूर के तौर पर other documents से prove करना होगा।
Online Apply कैसे करें — Step by Step
Step 1 — bor.up.nic.in खोलें
bor.up.nic.in — UP Rajaswa Parishad का official portal खोलें।
Step 2 — “मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना” section ढूंढें
Homepage पर scroll करें। “मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना” section मिलेगा।
Step 3 — “आवेदन करें” पर click करें
“मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना योजना हेतु आवेदन करें” link पर click करें।
Step 4 — Login करें
Aadhaar-linked mobile number से OTP verify करके login करें।
Step 5 — Application Form भरें
Form में यह जानकारी भरें:
- पीड़ित किसान का नाम
- Aadhaar number
- दुर्घटना की तारीख और प्रकार
- जनपद, तहसील, ग्राम
- खसरा नंबर (खतौनी से)
- Bank account details (जहाँ पैसा आएगा)
- आवेदक का नाम और relation
Step 6 — Documents Upload करें
सभी ज़रूरी documents scan करके upload करें।
Step 7 — Submit करें
Submit करने पर Application Number मिलेगा। इसे note करें।
Documents क्या चाहिए?
मृत्यु के case में:
- मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)
- FIR copy (अगर accident में हो)
- Post Mortem report (अगर हो)
- खतौनी की copy — पीड़ित का नाम दर्ज हो
- आवेदक का Aadhaar Card
- Bank Passbook (आवेदक का)
- पीड़ित का Aadhaar Card
- परिवार रजिस्टर / राशन कार्ड
विकलांगता के case में:
- Government hospital का disability certificate
- Doctor का प्रमाण पत्र
- Aadhaar Card
- खतौनी की copy
- Bank Passbook
बटाईदार के case में:
- खतौनी जिसमें असली मालिक का नाम हो
- Lease agreement या बटाई का proof
- ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र
Application Status कैसे Check करें?
- bor.up.nic.in खोलें
- “मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना” section में जाएं
- “आवेदन की स्थिति देखें” option पर click करें
- Application Number डालें
- Current status दिखेगा
Status का मतलब:
- दर्ज — Application मिल गई
- जाँच में — Lekhpal/Amin verification हो रही है
- जिलाधिकारी के पास — Final approval pending
- स्वीकृत — Approved, पैसा जल्द आएगा ✅
- अस्वीकृत — Rejected, reason देखें
Claim कितने दिन में मिलता है?
नियम के हिसाब से — Application के 45 दिन में।
Practically — 2-3 महीने।
2026 में digitization के बाद — Process faster होने की उम्मीद है।
जल्दी मिलने के tips:
- सभी documents complete और clear होने चाहिए
- Bank account Aadhaar से linked होना चाहिए (DBT के लिए)
- Mobile number active रखें — OTP और updates आएंगे
अगर Application Reject हो तो क्या करें?
Rejection का reason notice में लिखा होगा। Common reasons:
Documents incomplete — जो document माँगा था वो नहीं दिया। Missing document के साथ दोबारा apply करें।
Accident eligible नहीं — जो accident हुआ वो scheme में cover नहीं। Carefully check करें क्या scheme में है।
खतौनी में नाम नहीं — अगर मृत व्यक्ति का नाम खतौनी में नहीं तो बटाईदार proof दें।
SDM के पास appeal करें — Rejection गलत लगे तो Sub-Divisional Magistrate के पास appeal कर सकते हैं।
UP के सभी जिलों के किसान Apply कर सकते हैं
यह scheme UP के सभी 75 जिलों के किसानों के लिए है।
पश्चिमी UP: गाज़ियाबाद, मेरठ, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बुलंदशहर, मुज़फ्फरनगर, सहारनपुर, नोएडा, बागपत
मध्य UP: लखनऊ, कानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, रायबरेली, फ़र्रुखाबाद
पूर्वी UP: वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, जौनपुर, आज़मगढ़, मिर्जापुर, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, सोनभद्र
बुंदेलखंड: झाँसी, बाँदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, ललितपुर
ज़रूरी बातें जो याद रखें
45 दिन की time limit — दुर्घटना के 45 दिन के भीतर apply करें। देरी से application reject हो सकती है।
खतौनी up-to-date रखें — अगर जमीन पिता के नाम है और उनकी मृत्यु हुई है तो पहले वारासत करें, फिर claim apply करें।
Bank account Aadhaar से link हो — पैसा DBT से सीधे account में आता है।
FIR ज़रूरी नहीं हमेशा — कुछ accidents में FIR नहीं होती। ऐसे में doctor certificate और ग्राम प्रधान की report से भी काम चल सकता है।
CSC से भी apply कर सकते हैं — Online process मुश्किल लगे तो नज़दीकी Common Service Centre जाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना में कितना पैसा मिलता है? मृत्यु या complete disability पर ₹5 लाख। एक हाथ/पैर/आँख जाने पर ₹2.5 लाख। पैसा सीधे bank account में आता है।
क्या बटाईदार किसान को भी इस scheme का फायदा मिलेगा? हाँ। बटाईदार (दूसरे की जमीन पर खेती करने वाले) और भूमिहीन कृषि मजदूर भी eligible हैं। उन्हें बटाई का proof देना होगा।
Apply कहाँ से करें? bor.up.nic.in पर “मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना” section से online apply करें। या नज़दीकी CSC से।
45 दिन के बाद apply कर सकते हैं? नियम 45 दिन का है। लेकिन अगर valid reason हो तो SDM से special permission लेकर late application दे सकते हैं।
खतौनी में नाम नहीं है तो क्या करें? बटाईदार proof, ग्राम प्रधान certificate, और जिस खेत में काम करते थे उस खतौनी की copy दें।
Accident के बाद सबसे पहले क्या करें? FIR करें (अगर accident में हो), Government hospital में treatment करें जहाँ certificate मिले, और 45 दिन के भीतर apply करें।
Rejection के बाद appeal कहाँ करें? SDM (Sub-Divisional Magistrate) के पास written appeal करें।
सारांश
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना UP के किसानों के लिए एक बड़ी राहत है।
दुर्घटना होने पर 45 दिन के भीतर bor.up.nic.in पर online apply करें। सभी documents तैयार रखें।
खतौनी इस scheme का सबसे ज़रूरी document है — इसीलिए UP Bhulekh पर अपनी खतौनी हमेशा up-to-date रखें।
किसी भी problem पर CM Helpline 1076 पर call करें।
