MP Land Diversion (NA) 2026 — कृषि भूमि को गैर-कृषि कराने की नई प्रक्रिया | धारा 59

इंदौर के पास एक परिवार ने अपनी कृषि भूमि पर घर बनाने की योजना बनाई। पुराने जानकारों ने बताया — “कलेक्टर से पहले permission लेनी पड़ेगी, महीनों लगेंगे।” लेकिन जब वे Collectorate गए, तो पता चला — 2018 के बाद नियम बदल चुके हैं। अब prior permission की जरूरत नहीं — खुद अपनी जमीन का diversion assessment करके सीधे fee जमा कर सकते हैं।

अगर आप भी MP में कृषि भूमि को गैर-कृषि (residential/commercial) उपयोग में लाना चाहते हैं — यहां current (2026) प्रक्रिया है।


💡 त्वरित उत्तर: ⚠️ धारा 172 अब लागू नहीं है — 2018 amendment से हटा दी गई वर्तमान कानून: धारा 59, MPLRC — अब prior permission जरूरी नहीं, सिर्फ self-assessment और fee जमा करना होता है Master Plan क्षेत्र में: District Collectorate portal से ऑनलाइन आवेदन अन्य क्षेत्रों में: Collector/SDM कार्यालय में offline आवेदन नए खरीदार: 90 दिनों के भीतर Collector को diversion की सूचना देनी होती है


⭐ जरूरी अपडेट — धारा 172 खत्म, अब सेल्फ-असेसमेंट सिस्टम

यह सबसे महत्वपूर्ण जानकारी है जो इंटरनेट पर बहुत कम जगह सही मिलती है:

पहले धारा 172 के तहत, किसी भी व्यक्ति को अपनी जमीन का उपयोग बदलने (diversion) से पहले Sub Divisional Officer (SDO) से अनुमति लेनी पड़ती थी

25 सितंबर 2018 को, MPLRC Amendment Act, 2018 के तहत धारा 172 को पूरी तरह हटा दिया गया। इसके पीछे सरकार का तर्क था:

“Prior permission की अब जरूरत नहीं होगी। भूमि स्वामी अपने diverted land revenue का खुद assessment करके निर्धारित राशि जमा कर सकता है, अन्य लागू कानूनों का पालन करते हुए। अब उसे कोई written permission लेने की जरूरत नहीं।”

अब यह प्रक्रिया धारा 59 के तहत होती है — जिसमें भूमि के उपयोग के अनुसार land revenue का आकलन (assessment) किया जाता है, permission नहीं मांगी जाती।

⚠️ अगर आपको कहीं भी “धारा 172 के तहत आवेदन” जैसी जानकारी मिले, वह पुरानी/outdated है। वर्तमान प्रक्रिया धारा 59 पर आधारित है।


Land Diversion (Vyapavartan) क्या है

Diversion (व्यपवर्तन) का मतलब है कृषि भूमि (Agricultural Land) को किसी अन्य उपयोग — जैसे आवासीय (Residential), व्यावसायिक (Commercial), औद्योगिक (Industrial), या शैक्षणिक (Educational) — में बदलना।

MP में जमीन डिफ़ॉल्ट रूप से कृषि भूमि मानी जाती है, चाहे वह शहर के कितने भी करीब क्यों न हो। जब तक diversion की प्रक्रिया पूरी करके record में उपयोग नहीं बदला जाता, तब तक उस पर निर्माण करना नियम के विरुद्ध है — जिससे penalty, या demolition का खतरा भी हो सकता है, और बैंक loan भी नहीं मिलता।

Diversion के बाद उपयोग की श्रेणियां:

  1. कृषि (Agriculture)
  2. आवासीय (Residential)
  3. औद्योगिक — खनन सहित (Industrial including mines)
  4. व्यावसायिक (Commercial)
  5. शैक्षणिक (Educational)
  6. अन्य निर्दिष्ट उपयोग

नई प्रक्रिया कैसे काम करती है — Step by Step

Master Plan क्षेत्र में (शहरी/नियोजित क्षेत्र):

Step 1: अपनी District Collectorate की वेबसाइट खोलें (जैसे Bhopal, Indore, Jabalpur collectorate portal)

Step 2: “Land Diversion” विकल्प चुनें

Step 3: अपना गाँव/क्षेत्र select करें

Step 4: भूमिस्वामी की जानकारी, खसरा/B1 विवरण, वर्तमान उपयोग, और प्रस्तावित उपयोग (residential/commercial/industrial) भरें

Step 5: क्षेत्रफल (हेक्टेयर में) दर्ज करें

Step 6: सिस्टम market value के आधार पर premium/fee की calculation खुद कर देगा

Step 7: ऑनलाइन payment करें

Step 8: Collector/SDO द्वारा diversion order जारी होता है

Step 9: Fee receipt ही diversion का प्रमाण पत्र (Certificate) होती है — इसे संभाल कर रखें

Master Plan से बाहर के क्षेत्रों में: ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध नहीं — सीधे Collector या SDO कार्यालय में offline फाइल जमा करनी होती है।


प्रीमियम/फीस कैसे तय होती है

Premium की calculation जमीन के बाजार मूल्य (Market Value) पर आधारित होती है:

Step 1: MP Department of Registration and Stamps की वेबसाइट पर जाएं

Step 2: अपना जिला select करें

Step 3: उस क्षेत्र की Guideline (Market Value) table में देखें

Step 4: इसी दर के आधार पर diversion premium तय होता है — प्रस्तावित उपयोग (residential/commercial/industrial) के अनुसार दर अलग होती है

ध्यान दें: सभी भूमि को गणना के समय “सिंचित कृषि भूमि” (irrigated agricultural land) माना जाता है, चाहे वास्तव में सिंचित हो या नहीं — यह प्रीमियम कैलकुलेशन का आधार नियम है।


नए खरीदार के लिए 90 दिन का नियम

यह नियम अक्सर लोग miss कर देते हैं:

अगर आपने ऐसी जमीन खरीदी है जो पहले से diversion के लिए reserved/planned थी, या आप उसका उपयोग बदलना चाहते हैं:

  • 90 दिनों के भीतर आपको लिखित रूप से District Collector को अपने diversion के इरादे की सूचना देनी होती है
  • इसके बाद diversion पूरा करने के लिए 1 साल का समय मिलता है
  • और प्रस्तावित उपयोग शुरू करने के लिए 3 साल का समय

⚠️ समय सीमा चूकने पर penalty लग सकती है। नई जमीन खरीदते ही यह समय-सीमा नोट कर लें।


डायवर्सन के बाद खसरा कैसे अपडेट होता है

Diversion order मिलने के बाद:

Step 1: webgis2.mpbhulekh.gov.in पर जाएं

Step 2: अपना खसरा निकालें

Step 3: भूमि का उपयोग अब “कृषि” की जगह नए उपयोग (residential/commercial आदि) के रूप में दिखना चाहिए

Step 4: diversion order के तुरंत बाद नामांतरण (mutation) के लिए भी आवेदन करें, ताकि record पूरी तरह अपडेट हो

खसरा निकालने और mutation status check करने का पूरा तरीका हमारी MP Bhulekh गाइड में विस्तार से बताया गया है।


Common Problems + Fix

समस्या 1: लोग अभी भी “धारा 172 अनुमति” मांग रहे हैं

Fix: यह जानकारी दें कि 2018 से धारा 172 हटा दी गई है, अब धारा 59 के तहत self-assessment प्रक्रिया लागू है। किसी भी तहसील/पटवारी को incorrect जानकारी देने पर Collector कार्यालय से स्पष्टीकरण लें।

समस्या 2: क्षेत्र Master Plan में नहीं आता, ऑनलाइन आवेदन नहीं हो रहा

Fix: ऐसे क्षेत्रों में offline प्रक्रिया ही उपलब्ध है — सीधे Collector या SDO कार्यालय में आवेदन करें।

समस्या 3: Premium/Fee ज्यादा लग रही है

Fix: Registration and Stamps विभाग की guideline value से अपनी fee calculation क्रॉस-चेक करें। अगर गड़बड़ी लगे, Collector कार्यालय में लिखित आपत्ति दर्ज करें।

समस्या 4: 90 दिन की सूचना देना भूल गए

Fix: जितनी जल्दी हो सके Collector को लिखित सूचना दें और स्थिति स्पष्ट करें — देरी की वजह बताते हुए आवेदन करें, penalty से बचने के लिए तुरंत कार्रवाई करें।


FAQ

MP में जमीन का diversion कैसे कराएं? Master Plan क्षेत्र में District Collectorate की वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन करें। अन्य क्षेत्रों में Collector/SDO कार्यालय में offline आवेदन दें। अब prior permission जरूरी नहीं — सिर्फ self-assessment और fee जमा करनी होती है।

क्या धारा 172 के तहत permission अभी भी जरूरी है? नहीं — धारा 172 को 2018 में MPLRC से हटा दिया गया। अब यह प्रक्रिया धारा 59 के तहत self-assessment आधारित है।

Diversion की fee कैसे तय होती है? Registration and Stamps विभाग की जिला-वार guideline (market value) के आधार पर, प्रस्तावित उपयोग (residential/commercial/industrial) के अनुसार।

नए खरीदार को क्या करना होता है? खरीद के 90 दिनों के भीतर Collector को diversion के इरादे की लिखित सूचना देनी होती है, फिर 1 साल में diversion पूरा करना और 3 साल में उपयोग शुरू करना होता है।

Diversion के बाद fee receipt का क्या काम है? यही diversion का प्रमाण पत्र (Certificate) होती है — इसे municipal body में building permit के लिए जमा करना होता है।


जरूरी Links

सेवा Link
MP Bhulekh (WebGIS 2.0) webgis2.mpbhulekh.gov.in
District Collectorate Portal अपने जिले की Collectorate वेबसाइट देखें
MP Registration & Stamps (Guideline Value) संबंधित जिला वेबसाइट पर उपलब्ध

Indore वाले परिवार ने बिना किसी permission की देरी के, सीधे self-assessment करके fee जमा की और अपनी जमीन residential घोषित करा ली।

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