वैशाली के लालगंज अंचल में रहने वाले योगेंद्र यादव जी अपने पूर्वजों की जमीन को भाई-बहनों के बीच बांटना चाहते थे। सर्वे शिविर (Survey Camp) में अमीन ने पूछा — “वंशावली फॉर्म भरा?” योगेंद्र जी confuse हो गए — क्या सरपंच से approval लेनी होगी? पता चला — नहीं, वंशावली फॉर्म खुद भरकर, स्व-घोषणा के तौर पर सीधे अमीन के पास जमा करनी होती है, सरपंच की कोई भूमिका नहीं होती।
अगर आप भी बिहार सर्वे में वंशावली और फॉर्म 2/3 को लेकर confuse हैं — यहां पूरी जानकारी है।
💡 Quick Answer: फॉर्म 2: स्व-घोषणा (Self-Declaration) — हर रैयत को भरना जरूरी फॉर्म 3(1): वंशावली — सिर्फ तभी जरूरी जब पैतृक संपत्ति वारिसों में बंटनी हो कहां से मिलेगा: dlrs.bihar.gov.in से PDF डाउनलोड करें जमा कहां करें: स्थानीय सर्वे कैंप में अमीन के पास ⚠️ याद रखें: वंशावली सरपंच से approve नहीं करानी होती — खुद स्व-घोषणा के रूप में जमा करें
बिहार विशेष भूमि सर्वेक्षण 2026 क्या है
बिहार सरकार का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग राज्य के 45,000 गाँवों में एक बड़ा भूमि सर्वेक्षण (Special Survey) करा रहा है। इसके लिए 10,000 अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
सर्वे का मुख्य उद्देश्य:
- राज्य की पूरी जमीन का डेटा और नक्शा डिजिटाइज करना
- जमीन के लेन-देन में पारदर्शिता लाना
- पुराने और चिरकालिक भूमि विवादों को सुलझाना — बिहार में करीब 60% भूमि संबंधी अपराध record of rights के गायब होने या सही मालिक के पास न होने की वजह से होते हैं
इस सर्वे का सीधा असर हर जमीन मालिक पर पड़ता है — बिना सही फॉर्म जमा किए, नया खतियान सही तरीके से नहीं बन पाएगा।
फॉर्म 2 (स्व-घोषणा) क्या है — कब भरना जरूरी है
फॉर्म 2 (Prapatra 2) एक स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration) है, जो हर रैयत (जमीन मालिक/वारिस) को खुद भरकर अमीन के पास जमा करना होता है।
इसमें क्या जानकारी भरनी होती है:
- मौजा (गाँव)
- थाना नंबर
- खाता नंबर
- खेसरा (प्लॉट) नंबर
- कुल रकबा (क्षेत्रफल)
- चौहद्दी (आसपास की जमीन की सीमा जानकारी)
फॉर्म 2 लगभग सभी रैयतों को भरना जरूरी है — चाहे वंशावली की जरूरत हो या न हो।
फॉर्म 3(1) — वंशावली क्या है और कब जरूरी है
वंशावली (Form 3-1) पारिवारिक वृक्ष (Family Tree/Pedigree) का एक स्व-घोषित दस्तावेज़ है, जो पूर्वजों से लेकर वर्तमान पीढ़ी तक के परिवार के सदस्यों को दिखाता है।
वंशावली कब जरूरी है — यह सबसे बड़ा confusion है:
| स्थिति | वंशावली जरूरी है? |
|---|---|
| जमीन अभी भी पिता (मूल मालिक) के नाम है, वही लगान भर रहे हैं | ❌ जरूरी नहीं |
| पिता चाहते हैं जमीन बेटे-बेटियों में बंट जाए | ✅ जरूरी है — फॉर्म 2 के साथ वंशावली भी जमा करें |
| पूर्वज की मृत्यु हो चुकी है, वारिस जमीन अपने नाम कराना चाहते हैं | ✅ जरूरी है |
सरल नियम: अगर जमीन अभी भी जिनके नाम है वही जीवित हैं और लगान भर रहे हैं, तो सिर्फ फॉर्म 2 काफी है। अगर संपत्ति वारिसों के बीच बंटनी है (चाहे मृत्यु के कारण हो या पिता की इच्छा से) — तभी वंशावली जरूरी है।
⭐ बड़ी गलतफहमी — वंशावली सरपंच से Approve नहीं होती
यह सबसे कॉमन confusion है, जो अधिकारी खुद स्पष्ट करते हैं:
लोगों को लगता है कि भरी हुई वंशावली को गाँव के सरपंच से approve या सत्यापित कराना पड़ता है। यह गलत है।
⚡ सही प्रक्रिया: वंशावली एक स्व-घोषणा (Self-Declaration) दस्तावेज़ है — इसे भरकर सीधे सर्वे कैंप में अमीन (Amin) के पास जमा किया जाता है। सरपंच से किसी approval की जरूरत नहीं है।
अगर कोई आपसे सरपंच के हस्ताक्षर/मुहर मांगे, तो यह गलत जानकारी हो सकती है — सीधे सर्वे कैंप या DLRS की official जानकारी से confirm करें।
फॉर्म कहां से डाउनलोड करें और कैसे जमा करें
Step 1: dlrs.bihar.gov.in (Directorate of Land Records and Survey, Bihar) पर जाएं
Step 2: होमपेज पर दिए गए लिंक से डाउनलोड करें:
- “स्व-घोषणा हेतु प्रपत्र-2”
- “वंशावली हेतु प्रपत्र-3(1)”
Step 3: फॉर्म प्रिंट करके हाथ से भरें, या ऑनलाइन fillable PDF इस्तेमाल करें
Step 4: भरे हुए फॉर्म को अपने नजदीकी सर्वे कैंप में जमा करें — अमीन के पास
Step 5: ऑनलाइन विकल्प भी उपलब्ध है — biharbhumi.bihar.gov.in पोर्टल से भी स्व-घोषणा ऑनलाइन दर्ज की जा सकती है
Step 6: DLRS पोर्टल पर “अपलोड किए गए स्व घोषणा/वंशावली यहाँ देखें” से submission confirm कर सकते हैं
वंशावली सही तरीके से कैसे बनाएं
वंशावली में शामिल करें:
- सबसे पुराने ज्ञात पूर्वज (जिनके नाम मूल खतियान में जमीन दर्ज थी) से शुरू करें
- हर पीढ़ी में सभी पुत्र-पुत्रियों के नाम शामिल करें — किसी को न छोड़ें
- वर्तमान जीवित वारिसों तक पूरा वृक्ष बनाएं
- यदि किसी की मृत्यु हो चुकी हो, तो यह स्पष्ट रूप से दर्शाएं
जमीन को अलग-अलग वारिसों के हिस्से में विभाजित करने की पूरी प्रक्रिया (कोर्ट के बिना, आपसी सहमति से) उन राज्यों के समान होती है जहां “बंटवारा” की व्यवस्था है — जरूरत पड़ने पर स्थानीय वकील से इसकी वैधता जरूर जांच लें।
Common Problems + Fix
समस्या 1: पता नहीं वंशावली जरूरी है या नहीं
Fix: ऊपर दी गई table देखें — अगर जमीन अभी भी मूल मालिक के नाम है और वही लगान भर रहे हैं, वंशावली जरूरी नहीं। संदेह हो तो सर्वे कैंप के अमीन से पूछें।
समस्या 2: वंशावली में कोई गलती हो गई
Fix: सर्वे प्रक्रिया के दौरान correction का मौका मिलता है — सर्वे कैंप में सुधार के लिए तुरंत संपर्क करें, देरी न करें।
समस्या 3: फॉर्म 2/3 PDF डाउनलोड नहीं हो रहा
Fix: dlrs.bihar.gov.in को Chrome browser में खोलें। अगर site slow हो, off-peak hours (सुबह जल्दी) try करें। biharbhumi.bihar.gov.in से भी वैकल्पिक रूप से जमा किया जा सकता है।
समस्या 4: कोई सरपंच से approval मांग रहा है
Fix: यह गलत प्रक्रिया है — वंशावली स्व-घोषणा दस्तावेज़ है, सीधे सर्वे कैंप/अमीन के पास जमा करें। सरपंच की भूमिका इसमें नहीं है।
FAQ
बिहार सर्वे में वंशावली कब जरूरी है? सिर्फ तभी जब पैतृक संपत्ति वारिसों में बंटनी हो — चाहे मृत्यु के कारण हो या मूल मालिक की इच्छा से। अगर जमीन अभी भी मूल मालिक के नाम है, वंशावली जरूरी नहीं।
फॉर्म 2 और फॉर्म 3 में क्या फर्क है? फॉर्म 2 = स्व-घोषणा (जमीन का ब्यौरा) — लगभग सभी रैयतों को भरना है। फॉर्म 3(1) = वंशावली — सिर्फ वारिस-बंटवारे के मामलों में जरूरी।
क्या वंशावली सरपंच से approve करानी होती है? नहीं — यह गलतफहमी है। वंशावली स्व-घोषणा दस्तावेज़ है, सीधे सर्वे कैंप में अमीन के पास जमा करें।
फॉर्म 2/3 कहां से डाउनलोड करें? dlrs.bihar.gov.in (Directorate of Land Records and Survey, Bihar) से PDF डाउनलोड करें।
फॉर्म कहां जमा करें? अपने नजदीकी सर्वे कैंप में अमीन के पास, या biharbhumi.bihar.gov.in से ऑनलाइन भी दर्ज कर सकते हैं।
जरूरी Links
| सेवा | Link |
|---|---|
| DLRS Bihar (फॉर्म डाउनलोड) | dlrs.bihar.gov.in |
| Bihar Bhumi (ऑनलाइन स्व-घोषणा) | biharbhumi.bihar.gov.in |
| Parimarjan Plus | parimarjanplus.bihar.gov.in |
योगेंद्र यादव जी ने फॉर्म 2 के साथ वंशावली सीधे सर्वे कैंप में जमा की — बिना किसी सरपंच के चक्कर के। कुछ हफ्तों में नया खतियान तैयार होने की प्रक्रिया शुरू हो गई।
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यह जानकारी dlrs.bihar.gov.in और बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। सर्वे प्रक्रिया समय के साथ अपडेट हो सकती है — नवीनतम जानकारी के लिए अपने स्थानीय सर्वे कैंप से संपर्क करें।
