राजस्थान सीमाज्ञान व सहमति विभाजन 2026 — मेड़बंदी और आपसी बंटवारा ऑनलाइन आवेदन

जोधपुर के पास दो भाइयों के बीच पैतृक खेत की मेड़ को लेकर विवाद था — दोनों का दावा था कि दूसरे ने मेड़ अपनी तरफ खिसका ली है। पहले पटवारी के महीनों इंतज़ार करना पड़ता था। अब दोनों भाइयों ने Apna Khata पोर्टल से सीमाज्ञान का ऑनलाइन आवेदन दिया — पटवारी ने मौके पर जाकर सरकारी नाप से सीमा तय की, विवाद खत्म हुआ।

अगर आपके खेत की मेड़ को लेकर विवाद है, या भाइयों के बीच आपसी सहमति से जमीन बांटनी है — यहां दोनों प्रक्रियाओं की पूरी जानकारी है।


💡 Quick Answer: सीमाज्ञान (Seemagyan) = खेत की सीमा/मेड़ सरकारी नाप से तय कराना सहमति विभाजन (Sahmati Vibhajan) = भाइयों/सह-खातेदारों के बीच आपसी रजामंदी से जमीन बांटना दोनों के लिए आवेदन: apnakhata.rajasthan.gov.in से सीधे ऑनलाइन, बिना तहसील गए


सीमाज्ञान (Seemagyan) क्या है — कब जरूरत पड़ती है

सीमाज्ञान का मतलब है — पटवारी द्वारा सरकारी नाप-जोख से खेत की सटीक सीमा (मेड़) तय करना।

कब जरूरत पड़ती है:

  • पड़ोसी खेत वाले ने मेड़ खिसका ली हो या अतिक्रमण किया हो
  • खेत खरीदने के बाद असली boundary confirm करनी हो
  • बंटवारे के बाद हर हिस्से की सीमा स्पष्ट रूप से चिन्हित करानी हो
  • पुराने नक्शे और मौजूदा जमीनी हकीकत में अंतर लगे

सीमाज्ञान ऑनलाइन आवेदन — Step by Step

Step 1: apnakhata.rajasthan.gov.in पर जाएं

Step 2: “सीमांकन (Seemagyan) आवेदन” विकल्प चुनें

Step 3: अपना गाँव, जिला (जैसे Ajmer, Jaipur), तहसील, और पटवार क्षेत्र select करें

Step 4: बताएं कि आपके पास खाता नंबर है या नहीं, और खेत में फिलहाल खड़ी फसल है या नहीं

Step 5: आवेदक की जानकारी भरें — नाम, पिता का नाम, जमीन का विवरण, खसरा नंबर

Step 6: काश्तकार का प्रकार, पता, सीमा की मौजूदा स्थिति, और मोबाइल नंबर (Aadhaar/Jan Aadhaar से लिंक) दर्ज करें

Step 7: OTP से verify करें → आवेदन Submit करें

Step 8: आवेदन पटवारी के पास पहुंचेगा, जो मौके पर जाकर सरकारी नाप से सीमा तय करेंगे

यह सेवा राजस्व अधिकारियों को सटीक सीमांकन में मदद करती है — सारा process अब digital workflow के through track भी हो सकता है।


सहमति विभाजन (Sahmati Vibhajan) क्या है

जब एक ही खसरे/खाते में कई सह-खातेदार (co-tenure holders) हों — जैसे कई भाई-बहन साझा जमीन के मालिक हों — और वे आपसी सहमति से अपनी-अपनी हिस्सेदारी अलग कराना चाहें, तो इसे सहमति विभाजन कहते हैं।

यह धारा 53 (Rajasthan Tenancy Act) से जुड़ी प्रक्रिया है — अगर सभी सह-खातेदार सहमत हों, तो कोर्ट-कचहरी के बिना सीधे राजस्व अधिकारी के जरिए बंटवारा हो सकता है।


सहमति विभाजन ऑनलाइन आवेदन — Step by Step

Step 1: apnakhata.rajasthan.gov.in पर “Apply for Consent Partition” या “सहमति विभाजन आवेदन” पर क्लिक करें

Step 2: जिला, तहसील, गाँव select करें → आगे बढ़ें

Step 3: सहमति विकल्प चुनें — क्या आपके पास खाता नंबर है (Yes/No), क्या खसरा नंबर पता है (Yes/No)

Step 4: जानकारी दर्ज करके records fetch करें

Step 5: सभी सह-खातेदारों की सहमति दस्तावेज़/upload करें, OTP से verify करें

Step 6: आवेदन Submit करें → राजस्व अधिकारी (Tehsildar) के पास verification के लिए जाएगा

Step 7: सभी पक्षों की जांच के बाद, बंटवारे का आदेश पारित होता है और नई अलग-अलग जमाबंदी बनती है


सीमाज्ञान बनाम सहमति विभाजन — कब कौन सा चाहिए

सीमाज्ञान सहमति विभाजन
मकसद सीमा/मेड़ तय करना साझा जमीन को हिस्सों में बांटना
कब इस्तेमाल करें विवाद या boundary confirm करने के लिए परिवार में मालिकाना हक अलग-अलग करने के लिए
परिणाम सीमा चिन्हित होती है, मालिकाना हक नहीं बदलता नई अलग जमाबंदी बनती है, हर हिस्सेदार अलग मालिक
कानूनी आधार Boundary/Demarcation प्रावधान धारा 53, Rajasthan Tenancy Act

⚡ अक्सर दोनों प्रक्रियाएं साथ में इस्तेमाल होती हैं — पहले सहमति विभाजन से हिस्से तय होते हैं, फिर सीमाज्ञान से हर हिस्से की सटीक सीमा मौके पर चिन्हित होती है।


बंटवारे के बाद नया लाट नंबर और तरमीम

सहमति विभाजन पूरा होने के बाद:

  • हर हिस्सेदार को नया लाट नंबर (Plot Sub-division number) मिल सकता है
  • राजस्व नक्शे में तरमीम (सुधार) की प्रक्रिया होती है — नई सीमाएं नक्शे में दर्ज होती हैं
  • Apna Khata पोर्टल से “हिस्सा प्रमाण पत्र” भी डाउनलोड किया जा सकता है

⚠️ ध्यान दें: राजस्थान में यह प्रक्रिया कुछ अन्य राज्यों से अलग हो सकती है — अपने विशेष मामले में लाट नंबर मिलेगा या नहीं, यह अपने Patwari/Tehsil कार्यालय से जरूर confirm करें, क्योंकि प्रक्रिया गाँव/जिले के अनुसार थोड़ी भिन्न हो सकती है।


Common Problems + Fix

समस्या 1: सीमाज्ञान आवेदन के बाद पटवारी नहीं आ रहे

Fix: apnakhata.rajasthan.gov.in पर application status track करें। लंबी देरी होने पर Tehsildar कार्यालय में लिखित रिमाइंडर दें।

समस्या 2: सहमति विभाजन में एक सह-खातेदार असहमत हो गया

Fix: बिना सभी की सहमति के “सहमति विभाजन” संभव नहीं — ऐसी स्थिति में धारा 53 के तहत formal partition suit SDO/Revenue Court में दायर करनी होगी।

समस्या 3: खसरा या खाता नंबर नहीं पता

Fix: पुरानी जमाबंदी नकल से confirm करें, या apna khata portal पर नाम से search करके पता करें।

समस्या 4: फसल खड़ी है, सीमाज्ञान में देरी हो सकती है क्या

Fix: फॉर्म में “फसल खड़ी है” बताना जरूरी है — पटवारी उसी अनुसार समय तय करेंगे ताकि फसल को नुकसान न हो।


FAQ

सीमाज्ञान के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? apnakhata.rajasthan.gov.in पर “सीमांकन आवेदन” चुनें, गाँव/जिला/तहसील select करें, आवेदक और खसरा details भरें, OTP verify करके Submit करें।

सहमति विभाजन क्या है? जब कई सह-खातेदार आपसी सहमति से साझा जमीन को अलग-अलग हिस्सों में बांटना चाहते हैं, इसे सहमति विभाजन कहते हैं — यह धारा 53 के तहत होता है।

सीमाज्ञान और सहमति विभाजन में क्या फर्क है? सीमाज्ञान सिर्फ boundary तय करता है, मालिकाना हक नहीं बदलता। सहमति विभाजन साझा जमीन को अलग-अलग मालिकों में बांटता है।

बिना सभी सह-खातेदारों की सहमति के बंटवारा हो सकता है क्या? “सहमति विभाजन” के लिए नहीं — अगर कोई असहमत हो, तो formal partition suit दायर करनी होगी।

बंटवारे के बाद नई जमाबंदी कब बनती है? राजस्व अधिकारी की verification और आदेश के बाद, हर हिस्सेदार की अलग जमाबंदी apna khata पोर्टल पर दिखने लगती है।


जरूरी Links

सेवा Link
Apna Khata (सीमाज्ञान व सहमति विभाजन) apnakhata.rajasthan.gov.in
Bhu Naksha Rajasthan bhunaksha.rajasthan.gov.in

जोधपुर वाले भाइयों की मेड़ का विवाद सीमाज्ञान से सुलझ गया — अब दोनों तरफ की सीमाएं सरकारी रिकॉर्ड में स्पष्ट रूप से दर्ज हैं।

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यह जानकारी apnakhata.rajasthan.gov.in और Rajasthan Tenancy Act, 1955 (धारा 53) की सार्वजनिक जानकारी पर आधारित है। यह कानूनी सलाह नहीं है — विशेष मामलों के लिए वकील या तहसील कार्यालय से सलाह लें।

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