राजस्थान भू-कानून शब्दावली 2026 — धारा 42 (SC/ST भूमि), चरागाह व अन्य जरूरी नियम

जोधपुर के पास एक व्यक्ति ने किसी SC समुदाय के व्यक्ति से जमीन खरीदी — बिना यह जाने कि यह ट्रांसफर कानूनन अमान्य (void) था। सालों बाद खरीदार ने कब्जे के आधार पर खातेदारी अधिकार का दावा किया — लेकिन Rajasthan High Court ने साफ कहा: धारा 42 के उल्लंघन में हुई बिक्री से किसी भी तरह के अधिकार, चाहे कब्जे के आधार पर भी, नहीं मिल सकते।

अगर आप राजस्थान में जमीन खरीद-बिक्री या सामुदायिक भूमि से जुड़े कानूनी नियम समझना चाहते हैं — यहां जरूरी जानकारी है।


💡 Quick Answer: धारा 42: SC/ST सदस्य अपनी कृषि भूमि गैर-SC/ST व्यक्ति को नहीं बेच सकता — ऐसी बिक्री शुरू से ही अमान्य (void ab initio) मानी जाती है यह नियम बैंक नीलामी में भी लागू होता है — अदालत/बैंक के जरिए भी बेची गई हो, फिर भी Section 42 लागू रहती है चरागाह भूमि: गाँव की पशु चराई के लिए आरक्षित सामुदायिक भूमि, विशेष प्रक्रिया से तय होती है


SC/ST की जमीन खरीदने के नियम — धारा 42

Rajasthan Tenancy Act, 1955 की धारा 42 के अनुसार — अनुसूचित जाति (SC) या अनुसूचित जनजाति (ST) का कोई सदस्य अपनी कृषि भूमि किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं बेच सकता, दान नहीं दे सकता, या वसीयत में नहीं दे सकता जो SC/ST समुदाय का न हो

अगर ऐसा किया जाए तो:

ऐसी बिक्री, दान, या वसीयत “void ab initio” मानी जाती है — यानी वह शुरू से ही, कानूनी रूप से कभी हुई ही नहीं मानी जाएगी।

इसका मकसद: कमजोर वर्गों (SC/ST) की जमीन को शोषण और अनुचित हस्तांतरण से बचाना — जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा बनी रहे।


⭐ बैंक नीलामी में भी धारा 42 लागू होती है

यह एक बहुत जरूरी कानूनी बारीकी है, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं:

एक अहम कोर्ट फैसले (Rajasthan High Court) के अनुसार — भले ही जमीन बैंक द्वारा नीलामी (auction) के जरिए बेची गई हो (जैसे लोन डिफॉल्ट पर SARFAESI Act के तहत), फिर भी अगर मूल मालिक SC/ST समुदाय का है और खरीदार नहीं है, तो धारा 42 का प्रतिबंध लागू रहता है

व्यावहारिक असर: अगर आप बैंक नीलामी में कोई खेत खरीद रहे हैं, तो सिर्फ यह मान लेना पर्याप्त नहीं कि “बैंक ने बेचा है तो सब कानूनी है” — मूल मालिक की जाति/समुदाय और धारा 42 का प्रतिबंध जरूर जांचें, वरना आपकी खरीद भी अमान्य हो सकती है।


धारा 42-B — पुराने अवैध ट्रांसफर का नियमितीकरण

अगर कोई ट्रांसफर 1992 के संशोधन (Rajasthan Tenancy Amendment Act, 1992) से पहले धारा 42 के उल्लंघन में हुआ था, तो उसे धारा 42-B के तहत नियमित (regularize) कराया जा सकता है:

  • आवेदन Form CC में देना होता है, साथ में एक नाममात्र फीस
  • Collector या अधिकृत अधिकारी आवेदन की जांच करके इसे वैध घोषित कर सकते हैं
  • अगर जमीन का गैर-कृषि उपयोग करना है, तो साथ में conversion का आवेदन भी देना होगा

⚠️ ध्यान दें: इस आवेदन की अंतिम तिथि (deadline) समय-समय पर rules में बदली गई है (अलग-अलग संशोधनों में अलग तारीखें दिखीं हैं) — यह वर्तमान में लागू है या नहीं, अपने Tehsildar/Collector कार्यालय से जरूर confirm करें, क्योंकि पुरानी जानकारी में गलत/expired तारीख भी मिल सकती है।


चरागाह/गोचर भूमि (Charagah) क्या है

चरागाह (Charagah), जिसे गोचर भूमि भी कहते हैं, गाँव में पशुओं की चराई के लिए आरक्षित सामुदायिक भूमि है।

कैसे तय होती है:

  • जिन गाँवों में सर्वे हो चुका है, वहां Tehsildar, ग्राम पंचायत के साथ मिलकर, Maqbooza Bir की खाली भूमि में से चरागाह क्षेत्र तय करते हैं
  • मानक (rough scale): गाँव के हर पशु के लिए लगभग आधा बीघा (0.5 Bigha) भूमि
  • गाँव के कुल पशुओं की संख्या और खेती योग्य भूमि की मांग को ध्यान में रखते हुए यह तय होता है
  • प्रस्ताव तय होने के बाद, ग्रामीणों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलता है, फिर SDO अंतिम मंजूरी देते हैं

Ghair Mumkin Charagah: अगर कोई Bir सिर्फ मुफ्त चराई के लिए उपयोग होता है और वहां से घास काटी नहीं जाती, तो उसे “Ghair Mumkin Charagah” कहा जाता है और उसे assessment से बाहर रखा जाता है।

⚡ चरागाह भूमि पर सामान्यतः निजी पट्टा या registry नहीं हो सकती — यह हमेशा सामुदायिक उपयोग के लिए आरक्षित रहती है।


भूमि सीलिंग (Land Ceiling) सीमा

Rajasthan Imposition of Ceiling on Agricultural Holdings Act के तहत, एक परिवार/व्यक्ति के पास रखी जा सकने वाली कृषि भूमि की अधिकतम सीमा तय है।

  • इस सीमा से अधिक भूमि होने पर, अतिरिक्त भूमि (Ceiling Surplus) राज्य सरकार अधिग्रहित कर सकती है
  • Class I irrigated भूमि (assured सिंचाई वाली, साल में कम से कम दो फसल) के लिए सीमा सामान्य भूमि से अलग होती है
  • ऐसी surplus भूमि को भूमिहीन व्यक्तियों या cooperative societies में आवंटित (allot) करने का प्रावधान है

⚠️ सटीक ceiling limit जमीन के प्रकार (सिंचित/असिंचित) और क्षेत्र के अनुसार बदलती है — अपने विशेष मामले के लिए Revenue Department से सटीक सीमा जरूर confirm करें।


Quick Reference Table

धारा/शब्द विषय मुख्य बात
धारा 42 SC/ST भूमि हस्तांतरण गैर-SC/ST को बिक्री/दान/वसीयत void — बैंक नीलामी में भी लागू
धारा 42-B पुराने (1992 से पहले) अवैध ट्रांसफर का नियमितीकरण Form CC से आवेदन, deadline confirm करें
धारा 53 सहमति विभाजन सह-खातेदारों में आपसी बंटवारा
धारा 90-A गैर-कृषि रूपांतरण शहरी क्षेत्र, SSO पोर्टल से ऑनलाइन
धारा 251 / 251-A रास्ते का अधिकार मौजूदा रास्ता (251) बनाम नया रास्ता (251-A)
चरागाह/गोचर सामुदायिक चराई भूमि निजी पट्टा नहीं हो सकता

FAQ

क्या SC/ST सदस्य अपनी जमीन किसी को भी बेच सकता है? नहीं — धारा 42 के तहत सिर्फ SC/ST समुदाय के सदस्य को ही बेच सकता है, गैर-SC/ST को बिक्री शुरू से अमान्य मानी जाएगी।

क्या बैंक नीलामी में खरीदी गई SC/ST की जमीन पर धारा 42 लागू होती है? हां — कोर्ट के फैसलों के अनुसार, बैंक/कोर्ट के जरिए भी बेची गई हो तो धारा 42 का प्रतिबंध लागू रहता है।

धारा 42-B क्या है? यह 1992 से पहले हुए अवैध (धारा 42 के विरुद्ध) ट्रांसफर को नियमित कराने का प्रावधान है — Form CC से आवेदन करना होता है।

चरागाह भूमि पर पट्टा मिल सकता है? सामान्यतः नहीं — यह सामुदायिक पशु चराई के लिए आरक्षित भूमि है, निजी आवंटन के लिए नहीं।

भूमि सीलिंग सीमा क्या है? एक परिवार/व्यक्ति के पास रखी जा सकने वाली कृषि भूमि की अधिकतम सीमा — इससे अधिक भूमि सरकार अधिग्रहित कर सकती है।


जरूरी Links

सेवा Link
Apna Khata Rajasthan apnakhata.rajasthan.gov.in
Rajasthan Revenue Department landrevenue.rajasthan.gov.in

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