पटना के पास एक जमीन विवाद में, दो पक्ष अपने-अपने खतियान की प्रति लेकर कोर्ट पहुंचे — एक के पास 1928 का CS खतियान था, दूसरे के पास 1970 का RS खतियान। दोनों उलझन में थे — कौन सा सही मालिकाना हक दिखाता है? वकील ने समझाया — RS Khatiyan ज्यादा हालिया और legally current है, लेकिन असली मालिकाना हक सिर्फ registered sale deed से साबित होता है, खतियान से नहीं।
अगर आप भी बिहार में पुरानी जमीन को लेकर CS और RS खतियान का अंतर समझना चाहते हैं — यहां पूरी जानकारी है।
💡 Quick Answer: CS Khatiyan (कैडेस्ट्रल सर्वे): अंग्रेजों के जमाने का सर्वे (1885-1940) — Zamindar-Raiyat संबंध दिखाता है RS Khatiyan (रिविजनल सर्वे): आजादी के बाद का सर्वे (1960-1980) — ज्यादा current और authentic महत्वपूर्ण: खतियान मालिकाना हक का सबूत नहीं है — यह सिर्फ Record of Rights (कब्जे का रिकॉर्ड) है कहां से निकालें: biharbhumi.bihar.gov.in → जमाबंदी पंजी देखें
CS Khatiyan (कैडेस्ट्रल सर्वे) क्या है
CS Khatiyan (Cadastral Survey Khatiyan) बिहार का सबसे पुराना आधिकारिक भूमि सर्वे रिकॉर्ड है — अंग्रेजों के शासनकाल में Bengal Tenancy Act, 1885 के तहत तैयार किया गया था।
मुख्य विशेषताएं:
- सर्वे का काल: लगभग 1885 से 1940 के बीच (कई क्षेत्रों में 1926 settlement के रूप में referenced)
- इसमें Zamindar (जमींदार) को जमीन के मालिक के रूप में और Raiyat (रैयत/किसान) को खेती करने वाले कब्जेदार के रूप में दर्ज किया गया था
- टैक्स वसूली (Land Revenue Collection) के मकसद से हर जमीन के टुकड़े का नक्शा और रिकॉर्ड बनाया गया था
RS Khatiyan (रिविजनल सर्वे) क्या है
आजादी के बाद, Bihar Land Reforms Act, 1950 के तहत जमींदारी प्रथा समाप्त कर दी गई — सारी जमींदारी जमीन राज्य सरकार में निहित (vest) हो गई। इससे ज्यादातर पुरानी जमींदारी जमीन रैयती (किसान-स्वामित्व) जमीन बन गई।
पुराने CS records को अपडेट करने के लिए, सरकार ने 1960 से 1980 के दशक में एक नया सर्वे कराया — Revisional Survey (RS)। इसमें:
- मालिक का नाम अपडेट हुआ (अब जमींदार की जगह किसान/कब्जेदार का नाम)
- जमीन का क्षेत्रफल दोबारा मापा गया
- भूमि की श्रेणी (classification) अपडेट हुई
RS Khatiyan ही digitization से पहले का सबसे ज्यादा legally current भूमि रिकॉर्ड माना जाता है।
CS और RS में फर्क — Table
| CS Khatiyan | RS Khatiyan | |
|---|---|---|
| पूरा नाम | Cadastral Survey Khatiyan | Revisional Survey Khatiyan |
| कब बना | 1885-1940 (अंग्रेजी शासन) | 1960-1980 (आजादी के बाद) |
| मालिक के रूप में कौन दर्ज | Zamindar | Raiyat/कब्जेदार (अपडेटेड) |
| आधार कानून | Bengal Tenancy Act, 1885 | Bihar Land Reforms Act, 1950 के बाद |
| वर्तमान वैधता | Historical reference के लिए उपयोगी | ज्यादा current और authentic |
| आमतौर पर किसलिए चाहिए | वंशावली/पुराना मालिकाना हक साबित करना | हालिया कब्जे और अधिकार का प्रमाण |
तीसरा प्रकार भी है — Chakbandi Khatiyan: कुछ क्षेत्रों में जहां चकबंदी (भूमि एकत्रीकरण) हुई है, वहां एक अलग “Chakbandi Khatiyan” भी उपलब्ध हो सकता है।
⭐ जरूरी बात — क्या खतियान मालिकाना हक का सबूत है
यह सबसे जरूरी कानूनी बिंदु है, जो अक्सर लोग गलत समझते हैं:
पटना उच्च न्यायालय (Patna High Court) ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि खतियान सहित राजस्व रिकॉर्ड, न तो जमीन का मालिकाना हक बनाते हैं, न ही समाप्त करते हैं (Record of Rights neither create nor extinguish title)।
इसका मतलब:
- खतियान सिर्फ कब्जे (possession) का record है, और इसमें एक “presumption of correctness” (सत्यता की धारणा) होती है
- असली मालिकाना हक (ownership) सिर्फ registered sale deed (रजिस्टर्ड बिक्री विलेख) की chain से साबित होता है
- कोई भी बड़ा जमीन लेन-देन करने से पहले, खतियान और registered deed chain — दोनों जरूर जांचें
⚡ यह ध्यान रखना जरूरी है — सिर्फ खतियान में नाम होने का मतलब पूरी तरह मालिकाना हक नहीं है, अगर registration की chain कमजोर या टूटी हुई है।
CS/RS Khatiyan Online कैसे निकालें
Step 1: biharbhumi.bihar.gov.in खोलें
Step 2: होमपेज पर “जमाबंदी पंजी देखें” (View Jamabandi Register) सेक्शन में जाएं — यहां से CS और RS दोनों Khatiyan एक्सेस होते हैं
Step 3: District → Anchal → Halka → Mouza select करें
Step 4: Khatiyan Type चुनें — “CS” (Cadastral Survey) या “RS” (Revisional Survey)
Step 5: Khata number या Khesra number दर्ज करें
Step 6: Security code (Captcha) भरें → Search
Step 7: आपका खतियान screen पर दिखेगा → Ctrl+P दबाकर “Save as PDF” से डाउनलोड करें
डिजिटल हस्ताक्षरित (digitally signed) copy के लिए प्रति पेज करीब ₹10 का शुल्क लग सकता है।
Khatiyan Online न मिले तो क्या करें
कुछ पुराने RS Khatiyan अभी पूरी तरह digitize नहीं हुए हैं।
अगर ऑनलाइन नहीं मिल रहा:
Step 1: अपने CS Khatiyan की जानकारी (District, Mouza, Khata/Khesra number) लेकर Anchal Adhikari (Circle Officer) के कार्यालय जाएं
Step 2: RS Khatiyan नकल (Certified Copy) के लिए लिखित आवेदन दें
Step 3: निर्धारित शुल्क जमा करें (इसे कचहरी की भाषा में “चिरकुट दाखिल करना” कहा जाता है)
Step 4: अभिलेखागार (Record Room) से certified नकल जारी होगी
जमाबंदी और खाता-खेसरा से जुड़ी बाकी जानकारी हमारी Bihar Bhumi गाइड में विस्तार से बताई गई है।
Common Problems + Fix
समस्या 1: RS Khatiyan online नहीं दिख रहा
Fix: कुछ पुराने records अभी digitize नहीं हुए — Anchal Adhikari कार्यालय में CS Khatiyan details के साथ आवेदन दें।
समस्या 2: CS और RS दोनों में मालिक का नाम अलग-अलग है
Fix: यह सामान्य है — जमींदारी उन्मूलन (1950) के बाद नाम अपडेट हुआ था। RS Khatiyan को ज्यादा current मानें, लेकिन registered deed chain से भी confirm करें।
समस्या 3: खतियान में नाम है, पर registry में विवाद है
Fix: याद रखें — सिर्फ खतियान मालिकाना हक साबित नहीं करता। Registered sale deed की पूरी chain जांचें, जरूरत पड़ने पर वकील से सलाह लें।
समस्या 4: बिहार Special Survey में पुराना खतियान चाहिए
Fix: वर्तमान भूमि सर्वे (Special Survey and Settlement Act, 2011 के तहत, 45,881 गाँवों में) के लिए CS/RS Khatiyan details फॉर्म 2 के साथ जरूरी हो सकते हैं — पूरी जानकारी हमारी वंशावली व फॉर्म 2/3 गाइड में देखें।
FAQ
CS और RS Khatiyan में क्या फर्क है? CS (Cadastral Survey) अंग्रेजों के जमाने का सर्वे (1885-1940) है, जिसमें Zamindar मालिक दर्ज थे। RS (Revisional Survey) आजादी के बाद (1960-1980) का अपडेटेड सर्वे है, जिसमें असली कब्जेदार/किसान का नाम दर्ज है — यह ज्यादा current माना जाता है।
क्या खतियान जमीन के मालिकाना हक का सबूत है? नहीं — पटना हाईकोर्ट के अनुसार खतियान सिर्फ Record of Rights है, मालिकाना हक registered sale deed से साबित होता है।
CS/RS Khatiyan ऑनलाइन कैसे निकालें? biharbhumi.bihar.gov.in → जमाबंदी पंजी देखें → District/Anchal/Halka/Mouza select करें → Khatiyan Type (CS/RS) चुनें → Khata/Khesra number डालें → Search।
अगर RS Khatiyan online न मिले तो क्या करें? Anchal Adhikari कार्यालय में CS Khatiyan details के साथ लिखित आवेदन देकर certified नकल प्राप्त करें।
Chakbandi Khatiyan क्या है? कुछ क्षेत्रों में चकबंदी (भूमि एकत्रीकरण) के बाद बना एक तीसरा प्रकार का खतियान।
जरूरी Links
| सेवा | Link |
|---|---|
| Bihar Bhumi (Khatiyan) | biharbhumi.bihar.gov.in |
| DLRS Bihar (Survey Forms) | dlrs.bihar.gov.in |
पटना वाले जमीन विवाद में, RS Khatiyan और registered deed chain दोनों को मिलाकर देखने के बाद सही मालिकाना हक साबित हो सका।
Related Articles:
- Bihar Bhumi 2026 — खाता, खेसरा, भू नक्शा
- बिहार भूमि सर्वे — वंशावली व फॉर्म 2/3
- बिहार परिमार्जन प्लस 2026
