तीन साल पहले मेरे दोस्त के पिताजी गुजर गए।
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घर में सब कुछ था — जमीन थी, खेत था, मकान था। पर सब कुछ पिताजी के नाम पर था। दोस्त तीन भाई थे। किसी को नहीं पता था कि अब जमीन अपने नाम कैसे होगी।
तहसील गए। वहाँ बताया — “वरासत के लिए application दो।” पर form कहाँ मिलेगा, कैसे भरेंगे, कितना समय लगेगा — कुछ नहीं बताया।
छह महीने भटकते रहे।
अगर तब vaad.up.nic.in पर online वरासत application का option होता और उन्हें पता होता — तो यह काम तीन महीने में हो जाता।
अगर आप भी इसी situation में हैं — यह guide आपके लिए है। UP में वरासत (Varasat) क्या है, online कैसे apply करते हैं, कितना समय लगता है — सब कुछ।
एक लाइन में जवाब — Featured Snippet
UP में वरासत के लिए vaad.up.nic.in पर online application दे सकते हैं। मृत्यु प्रमाण पत्र, खतौनी नकल और वारिसों की जानकारी के साथ form भरें — तहसील level पर processing होती है और 3 महीने में नामांतरण हो जाता है।
वरासत (Varasat) है क्या — आसान भाषा में
जब कोई जमीन का मालिक मर जाता है — तो उसकी जमीन automatically उसके वारिसों को मिलती है।
पर सरकारी records में यह बदलाव खुद नहीं होता।
जमीन के records में मृत व्यक्ति का नाम तब तक रहता है जब तक वारिस खुद जाकर application नहीं देते और नामांतरण नहीं करवाते।
इसी process को वरासत कहते हैं। और जब यह process होती है — तो records में मृत व्यक्ति की जगह वारिसों के नाम आ जाते हैं।
यह जरूरी क्यों है? क्योंकि जब तक जमीन आपके नाम नहीं है —
- आप उसे बेच नहीं सकते
- Bank से loan नहीं ले सकते
- सरकारी schemes का फायदा नहीं उठा सकते
- कोई और उस पर claim कर सकता है
UP में वरासत के दो तरीके हैं
तरीका 1 — Online (vaad.up.nic.in)
UP सरकार ने Vaad portal पर वरासत application की सुविधा दी है। घर बैठे apply कर सकते हो।
तरीका 2 — Offline (तहसील)
सीधे तहसील के राजस्व कार्यालय में जाकर application दे सकते हो।
Online ज्यादा convenient है — पर दोनों की process और timeline लगभग एक जैसी है।
वरासत के लिए जरूरी Documents
Apply करने से पहले यह सब तैयार रखो:
- मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) — नगर पालिका या ग्राम पंचायत से
- मृतक की खतौनी नकल — upbhulekh.gov.in से निकालो 👉 upbhulekh.gov.in
- सभी वारिसों का Aadhaar Card
- वारिस प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate) — तहसील से बनवाओ
- मृतक का Aadhaar Card (अगर available हो)
- Passport size photos — सभी वारिसों की
- Bank passbook — एक वारिस की
- Affidavit — कि कोई और वारिस नहीं है (Notary से बनवाओ — ₹100-200 में होता है)
⚡ Pro-Tip: वारिस प्रमाण पत्र (Legal Heir Certificate) बनवाना सबसे पहले करो। इसमें 2-4 हफ्ते लगते हैं। बाकी सब documents बाद में भी तैयार हो सकते हैं।
Online Varasat Apply कैसे करें — Step by Step
Step 1: Vaad Portal खोलो
यह UP सरकार का official Revenue Court portal है। यहीं से वरासत application होती है।
Step 2: “वरासत हेतु आवेदन” option ढूंढो
Homepage पर “राजस्व न्यायालय” या “वरासत आवेदन” section में जाओ।
⚡ Note: Portal का interface थोड़ा technical है। अगर confuse हो रहे हो तो नजदीकी CSC Center पर जाओ — वो यही portal use करके आपकी application submit कर देंगे। Nominal fee ₹50-100 होती है।
Step 3: New Registration करो
पहली बार use कर रहे हो तो registration करना होगा:
- Mobile number डालो
- OTP verify करो
- Password set करो
Step 4: Application Form भरो
Form में यह जानकारी भरनी होगी:
मृतक की जानकारी:
- नाम, पिता का नाम, मृत्यु की तारीख
- जिला, तहसील, गाँव
- खाता संख्या और गाटा संख्या
वारिसों की जानकारी:
- हर वारिस का नाम
- मृतक से संबंध (बेटा, बेटी, पत्नी)
- Aadhaar number
- हिस्से का अनुपात (अगर तय हो)
Step 5: Documents Upload करो
सभी documents scan करके upload करो:
- Death certificate
- खतौनी नकल
- Aadhaar cards
- Legal Heir Certificate
- Affidavit
File format PDF या JPG होनी चाहिए। हर file 1MB से कम रखो।
Step 6: Submit करो और Application Number नोट करो
Submit करने के बाद एक Application Number मिलेगा। इसे screenshot लेकर save करो।
इसी number से आगे status track होगा।
Application के बाद क्या होता है — पूरी Timeline
यह जानना जरूरी है वरना इंतजार में परेशान होते रहोगे।
| Stage | क्या होता है | कितना समय |
|---|---|---|
| Application submit | Portal पर record होता है | तुरंत |
| Lekhpal verification | लेखपाल मौके पर जाँच करता है | 15-30 दिन |
| Tehsil hearing | तहसीलदार सुनवाई करता है | 30-60 दिन |
| Objection period | कोई objection हो तो यहाँ आती है | 30 दिन |
| Final order | नामांतरण का आदेश जारी होता है | – |
| Khatauni update | नई खतौनी में वारिसों के नाम | 15-30 दिन |
| Total | 3-6 महीने |
⚡ Important: अगर कोई objection नहीं आती — process 3 महीने में complete हो जाती है। अगर कोई और claim करे — तो time बढ़ सकता है।
Varasat Status कैसे Check करें
Application submit करने के बाद status यहाँ देखो:
अपना Application Number और registered mobile number डालो — current status दिख जाएगा।
हर 10-15 दिन में check करते रहो। कभी-कभी additional documents माँगे जाते हैं — अगर time पर नहीं दिए तो application hold पर चली जाती है।
वरासत में यह गलतियाँ मत करना
सभी वारिसों की सहमति न होना। अगर एक भाई ने application दी और दूसरे को पता नहीं — तो बाद में objection आ सकती है। सब भाई-बहनों को पहले बात करके आम राय बनाओ।
Affidavit गलत बनवाना। Affidavit में लिखा होना चाहिए कि “मृतक के कुल इतने वारिस हैं” — और वो list सही होनी चाहिए। कोई नाम छूटा तो बाद में मुश्किल।
मृत्यु प्रमाण पत्र में नाम मिसमैच। अगर death certificate में नाम और खतौनी में नाम की spelling अलग है — application अटक जाएगी। पहले यह check करो।
जल्दबाजी में हिस्से तय न करना। Application में हिस्से का जिक्र होता है। पहले परिवार में बात करो — कौन से गाटे किसको जाएंगे। बाद में झगड़ा होने से बचो।
Application करना टालते रहना। बहुत लोग सोचते हैं “कर लेंगे बाद में।” जितना delay, उतना risk। कोई और claim कर सकता है। records पुराने पड़ते जाते हैं।
अगर कोई Objection आए तो क्या करें
कभी-कभी कोई रिश्तेदार या पड़ोसी objection लगा देता है।
घबराओ मत। यह normal process का हिस्सा है।
तहसील में सुनवाई होगी — दोनों sides को बोलने का मौका मिलेगा। अपने documents तैयार रखो — खतौनी, death certificate, legal heir certificate।
अगर case complicated हो — एक local advocate से मिलो। Revenue cases में experienced वकील 1-2 सुनवाई में ही matter clear करवा देते हैं।
जरूरी Links — एक जगह सब
| काम | Official Link |
|---|---|
| वरासत Online Apply | vaad.up.nic.in |
| खतौनी नकल निकालें | upbhulekh.gov.in |
| Death Certificate (Urban) | edistrict.up.gov.in |
| Legal Heir Certificate | तहसील कार्यालय से |
| UP Revenue Helpline | 0522-2217145 |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या वरासत के लिए court जाना पड़ता है? नहीं — वरासत एक revenue process है, court case नहीं। यह तहसील level पर होती है। सिर्फ तभी court जाना पड़ता है जब कोई serious dispute हो।
अगर मृतक ने Will (वसीयत) लिखी थी तो क्या वरासत प्रक्रिया अलग होती है? हाँ — अगर registered Will है तो उसके according जमीन का बँटवारा होगा। Will की certified copy application के साथ attach करो।
क्या बेटियों को भी वरासत में हिस्सा मिलता है? हाँ — Hindu Succession Act के तहत बेटियों को भी बेटों के बराबर हिस्सा मिलता है। 2005 से यह कानून लागू है।
कितनी जमीन है इससे कोई फर्क पड़ता है? नहीं — 1 बीघा हो या 100 बीघा — वरासत process एक जैसी है।
क्या एक application में सभी plots की वरासत हो सकती है? हाँ — एक ही application में मृतक की सभी जमीनों का नामांतरण हो सकता है। सभी गाटा नंबर form में mention करो।
वरासत complete होने पर क्या मिलता है? नई खतौनी मिलती है जिसमें वारिसों के नाम होते हैं। यही document आगे सब कामों में — loan, बिक्री, सरकारी scheme — use होता है।
आखिरी बात
मेरे दोस्त के तीनों भाइयों की जमीन आखिरकार उनके नाम हो गई — पर उसमें डेढ़ साल लग गए। भटकना, पैसे खर्च होना, घर में तनाव — सब हुआ।
अगर उन्हें पहले दिन से सही जानकारी मिली होती — तीन महीने में काम खत्म हो जाता।
वरासत में देरी मत करो। जितना जल्दी करोगे — उतना कम झंझट।
अगर यह article helpful लगा — उन लोगों के साथ जरूर share करो जिनके घर में ऐसी situation है। और comment में बताओ अगर कोई सवाल हो — मैं जवाब देता हूं।
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यह जानकारी UP Government के official portals vaad.up.nic.in और upbhulekh.gov.in पर आधारित है। वरासत एक legal process है — complicated cases में local revenue advocate से सलाह जरूर लें। Timelines approximate हैं और case-to-case vary कर सकती हैं।


