बहुत सी पुरानी वेबसाइटें अब भी पालनहार योजना की पुरानी दरें (₹500/₹1,000) बताती हैं, जबकि सरकार इन्हें काफी समय पहले बढ़ा चुकी है। और जो articles नई दरें बताते भी हैं, वो अक्सर ये स्पष्ट नहीं करते कि किसे कितना मिलेगा — अनाथ बच्चों और बाकी श्रेणियों के लिए राशि अलग-अलग है, एक जैसी नहीं।
अगर आप पालनहार योजना की सही, अपडेटेड जानकारी ढूंढ रहे हैं — status check से लेकर वार्षिक नवीनीकरण तक — यहां पूरी गाइड है।
पालनहार योजना क्या है
राजस्थान में ऐसे कई बच्चे हैं जिनके माता-पिता किसी दुर्घटना, बीमारी, या अन्य कारणों से उनके साथ नहीं हैं। ऐसे बच्चों को अनाथालय भेजने के बजाय, सरकार उनके नज़दीकी रिश्तेदार (चाचा, मामा, दादा-दादी, या कोई अन्य परिचित परिवार) की देखरेख में पालने के लिए वित्तीय सहायता देती है।
जो व्यक्ति बच्चे की देखरेख का जिम्मा उठाता है, उसे “पालनहार” कहा जाता है। संबंधित विभाग: सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (SJED), राजस्थान।
जरूरी शर्त: बच्चे का आंगनवाड़ी केंद्र (0-6 वर्ष) में नामांकन, या विद्यालय (6-18 वर्ष) में नियमित अध्ययन अनिवार्य है — इसके बिना योजना का लाभ नहीं मिलता।
नई दरें 2026 — अनाथ बनाम अन्य श्रेणी (यहीं सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन है)
यह सबसे जरूरी हिस्सा है — ज्यादातर articles इसे साफ तरीके से नहीं समझाते:
| श्रेणी | 0-6 वर्ष | 6-18 वर्ष |
|---|---|---|
| अनाथ (Orphan) | ₹1,500/माह | ₹2,500/माह |
| अन्य सभी पात्र श्रेणियां (विधवा, नाता, सिलिकोसिस, दिव्यांग, HIV/AIDS, कुष्ठ रोग) | ₹500/माह | ₹1,000/माह |
इसके अलावा सबको मिलता है (एक अपवाद के साथ):
- ₹2,000/वर्ष — कपड़े, जूते, और शैक्षणिक सामग्री के लिए, एकमुश्त DBT से
⚡ अपवाद: विधवा माता के बच्चों और नाता श्रेणी के बच्चों को यह ₹2,000/वर्ष वाला वस्त्र-भत्ता नहीं मिलता — बाकी सभी श्रेणियों को मिलता है। यह एक ऐसी बारीकी है जो ज्यादातर जगह नहीं बताई जाती।
⚡ अनाथ बच्चों को सबसे ज्यादा राशि मिलती है क्योंकि उनके पास कोई और सहारा नहीं होता — बाकी श्रेणियों (जैसे विधवा माता के बच्चे) में माता/परिवार का कुछ सहारा माना जाता है, इसलिए राशि कम रखी गई है।
कौन-कौन पात्र है — 9 श्रेणियां
- अनाथ बच्चे (दोनों माता-पिता की मृत्यु)
- न्यायिक प्रक्रिया से मृत्युदंड/आजीवन कारावास प्राप्त माता-पिता के बच्चे
- निराश्रित विधवा माता के बच्चे (पेंशन प्राप्त, अधिकतम 3 बच्चे)
- पुनर्विवाहित विधवा माता की संतान
- नाता जाने वाली माता की संतान (अधिकतम 3 बच्चे)
- HIV/AIDS से पीड़ित माता-पिता के बच्चे
- कुष्ठ रोग (Leprosy) से पीड़ित माता-पिता के बच्चे
- विशेष योग्यजन (40% या अधिक दिव्यांगता) माता-पिता के बच्चे
- सिलिकोसिस से पीड़ित माता-पिता के बच्चे
पालनहार (संरक्षक) के लिए शर्तें: परिवार की वार्षिक आय ₹1.20 लाख से अधिक न हो (अनाथ श्रेणी को छोड़कर), और पालनहार व बच्चे का नाम जन आधार कार्ड में जुड़ा हो।
श्रेणी के अनुसार दस्तावेज़
सभी श्रेणियों के लिए common:
- जन आधार कार्ड (सबसे महत्वपूर्ण)
- पालनहार और बच्चे का आधार कार्ड
- आंगनवाड़ी पंजीकरण प्रमाण पत्र (0-6 वर्ष) या स्कूल Bonafide Certificate (6-18 वर्ष)
- बैंक पासबुक (जन आधार से लिंक)
श्रेणी-विशेष दस्तावेज़:
| श्रेणी | अतिरिक्त दस्तावेज़ |
|---|---|
| अनाथ | माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र |
| विधवा | विधवा पेंशन PPO / मृत्यु प्रमाण पत्र |
| नाता जाने वाली माता | नाता प्रमाण पत्र — सरपंच या पार्षद द्वारा जारी |
| सिलिकोसिस | सिलिकोसिस मेडिकल बोर्ड सर्टिफिकेट |
| दिव्यांग | 40% या अधिक दिव्यांगता प्रमाण पत्र |
आवेदन कैसे करें — SSO ID या e-Mitra से
SSO ID के जरिए:
Step 1: sso.rajasthan.gov.in पर लॉगिन करें
Step 2: Citizen Apps में “SJED” या “Palanhar Application” खोलें
Step 3: जन आधार नंबर डालकर OTP से verify करें
Step 4: पालनहार और बच्चे का चयन करें, सही श्रेणी select करें
Step 5: दस्तावेज़ों की PDF अपलोड करें
Step 6: फॉर्म submit करें → Application Reference Number नोट कर लें
e-Mitra से: नज़दीकी e-Mitra केंद्र जाकर भी यही प्रक्रिया करवाई जा सकती है।
Status Check — Jan Soochna Portal से (बिना Login)
यह सबसे कम-explained तरीका है — ज्यादातर articles इसे ठीक से नहीं बताते:
Step 1: jansoochna.rajasthan.gov.in खोलें
Step 2: होमपेज पर “Scheme Listing” या “योजनाओं की जानकारी” पर क्लिक करें
Step 3: सूची में से “Social Justice & Empowerment Department (SJED)” चुनें
Step 4: “Palanhar Scheme and Beneficiary Information” लिंक पर क्लिक करें
Step 5: दो विकल्प दिखेंगे:
- Know About Your Palanhar Eligibility/Application Status
- Palanhar Payment Status
Step 6: जन आधार नंबर, Application ID, या आधार नंबर डालें → वर्ष चुनें → Submit
Step 7: स्क्रीन पर आवेदन स्थिति, स्वीकृत किश्तें, और ट्रांसफर की गई राशि दिखेगी
⚡ खासियत: Jan Soochna Portal पर status check करने के लिए login या registration की जरूरत नहीं — यह पूरी तरह पब्लिक transparency portal है।
Alternative: sjmsnew.rajasthan.gov.in/palanhaar/Appstatus.aspx से भी सीधे status check किया जा सकता है।
यह वो हिस्सा है जो अधिकतर लोग miss कर देते हैं, और इसी वजह से किश्त रुक जाती है:
लाभ लगातार पाने के लिए हर साल जून-जुलाई में भौतिक सत्यापन (Renewal) कराना अनिवार्य है।
दो तरीके, बच्चे के स्कूल के आधार पर:
सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे: शाला दर्पण (Shala Darpan) पोर्टल से स्कूल हेडमास्टर द्वारा स्वतः (auto) सत्यापन हो जाता है — अलग से कुछ करने की जरूरत नहीं।
निजी स्कूल या आंगनवाड़ी वाले बच्चे: SJED Palanhar Mobile App डाउनलोड करें → Face Authentication के जरिए सत्यापन करें, या e-Mitra केंद्र से करवाएं।
⚡ नवीनीकरण नहीं कराया तो मासिक किश्त रुक जाती है — जितनी जल्दी हो सके जून-जुलाई विंडो में ये पूरा करें।
पेमेंट क्यों रुकता है — 3 मुख्य कारण
1. NPCI/Aadhaar DBT Link न होना: बैंक खाता जन आधार और आधार से NPCI/DBT-enabled होना चाहिए। बैंक जाकर seeding करवाएं।
2. स्कूल अटेंडेंस पेंडिंग: अगर स्कूल ने शाला दर्पण पोर्टल पर बच्चे की 75% उपस्थिति दर्ज नहीं की, तो भुगतान रुक सकता है। संबंधित स्कूल से संपर्क करें।
3. वार्षिक नवीनीकरण न होना: ऊपर बताए अनुसार, तुरंत e-Mitra या SJED App से नवीनीकरण पूरा करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पालनहार योजना में 2026 में कितनी राशि मिलती है? अनाथ बच्चों को ₹1,500 (0-6 वर्ष) और ₹2,500 (6-18 वर्ष)। बाकी सभी पात्र श्रेणियों को ₹500 (0-6 वर्ष) और ₹1,000 (6-18 वर्ष)। साथ में ₹2,000/वर्ष कपड़े-जूतों के लिए।
पालनहार योजना का status कैसे चेक करें? jansoochna.rajasthan.gov.in पर जाकर SJED → Palanhar Scheme and Beneficiary Information → जन आधार नंबर डालकर देखें। Login की जरूरत नहीं।
नाता जाने वाली माता के बच्चे पात्र हैं? हां — सरपंच/पार्षद द्वारा जारी नाता प्रमाण पत्र के आधार पर आवेदन किया जा सकता है, अधिकतम 3 बच्चों तक।
वार्षिक नवीनीकरण कैसे कराएं? सरकारी स्कूल के बच्चों का शाला दर्पण से auto-verification होता है। निजी स्कूल/आंगनवाड़ी वालों के लिए SJED Palanhar App से Face Authentication करें।
पेमेंट क्यों रुक जाता है? मुख्यतः तीन कारण — NPCI/DBT लिंक न होना, स्कूल अटेंडेंस 75% से कम दर्ज होना, या वार्षिक नवीनीकरण पेंडिंग होना।
एक परिवार के सभी बच्चों को लाभ मिल सकता है? अनाथ श्रेणी में सभी बच्चों को। अन्य श्रेणियों में अधिकतम 3 बच्चों तक।
जरूरी लिंक
| सेवा | Link |
|---|---|
| Jan Soochna Portal (Status) | jansoochna.rajasthan.gov.in |
| आवेदन (SSO) | sso.rajasthan.gov.in |
| SJED विभाग | sje.rajasthan.gov.in |
| हेल्पलाइन | 181 |
पालनहार योजना उन बच्चों के लिए एक जरूरी सहारा है जिनके पास परिवार का सामान्य सहारा नहीं है — पात्र बच्चे का जन आधार अपडेट करवाकर समय रहते आवेदन कराना सबसे जरूरी कदम है।
गाँव-कस्बों में दिव्यांगता, विधवा पेंशन, या सिलिकोसिस से जुड़ी अन्य योजनाओं की जानकारी भी उपयोगी हो सकती है — जरूरत पड़ने पर स्थानीय Social Justice कार्यालय से संपर्क करें।
यह जानकारी sje.rajasthan.gov.in, jansoochna.rajasthan.gov.in, और Palanhar Guideline-2022 पर आधारित है। यह कानूनी सलाह नहीं है — विशेष मामलों के लिए स्थानीय Social Justice कार्यालय से संपर्क करें।
