अक्सर देखा गया है कि निर्माण कार्यों में लगे मजदूरों (Construction Workers) के बच्चे अपने माता-पिता के साथ एक साइट से दूसरी साइट पर घूमते रहते हैं। गरीबी और संसाधनों की कमी के कारण ये बच्चे कभी स्कूल की शक्ल नहीं देख पाते या बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं।
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इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने “आवासीय विद्यालय योजना” (Residential School Scheme) की शुरुआत की है। इस योजना का मकसद सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि इन बच्चों को एक सुरक्षित घर, अच्छा खाना और बेहतर भविष्य देना है।
योजना के मुख्य लाभ (Key Benefits)
सरकार इन बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उठाती है ताकि माता-पिता पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े:
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पूरी तरह मुफ्त शिक्षा: प्राइमरी से लेकर सेकेंडरी लेवल तक कोई फीस नहीं।
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आवासीय सुविधा: बच्चों के रहने के लिए साफ-सुथरे हॉस्टल (Hostels)।
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खाना और कपड़े: पौष्टिक भोजन, स्कूल ड्रेस और मौसम के अनुसार कपड़े बिल्कुल फ्री।
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अन्य सुविधाएं: खेल-कूद, लाइब्रेरी और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए हर जरूरी साधन।
किन जिलों में चल रही है यह योजना? (Scope of the Scheme)
फिलहाल, यह योजना उत्तर प्रदेश के इन 12 चुनिंदा जिलों में सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है:
इटावा, भदोही, कन्नौज, मुरादाबाद, फिरोजाबाद, ललितपुर, बहराइच, गाजियाबाद, कानपुर, आजमगढ़, आगरा और मेरठ।
कौन कर सकता है आवेदन? (Eligibility Criteria)
अगर आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इन शर्तों को पूरा करना जरूरी है:
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पंजीकृत श्रमिक: माता या पिता में से कोई भी UP Labor Department (BOCW Board) के साथ रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिक होना चाहिए।
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आयु सीमा: बच्चे की उम्र 6 से 14 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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टारगेट ग्रुप: यह योजना विशेष रूप से उन बच्चों के लिए है जो गरीबी या माता-पिता के पलायन के कारण स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Offline Application)
इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह Offline रखी गई है ताकि मजदूरों को तकनीक की वजह से कोई परेशानी न हो:
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नजदीकी कार्यालय जाएं: अपने क्षेत्र के श्रम विभाग (Labor Office), तहसीलदार कार्यालय या ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) के पास जाएं।
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फॉर्म प्राप्त करें: वहां से “आवासीय विद्यालय योजना” का आवेदन फॉर्म (Application Form) मांगें।
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विवरण भरें: बच्चे की सही जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेज साथ लगाएं।
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जमा करें: फॉर्म को उसी कार्यालय में जमा कर दें। ध्यान रहे, आवेदन के लिए कोई फीस नहीं ली जाती।
जरूरी दस्तावेज (Required Documents Checklist)
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माता-पिता के श्रमिक पंजीकरण प्रमाण पत्र (Labor Card) की फोटोकॉपी।
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श्रमिक अंशदान (Contribution) जमा करने का प्रमाण।
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बच्चे और माता-पिता का Aadhaar Card।
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बच्चे की हालिया पासपोर्ट साइज फोटो।
💡 Expert Tip for egovtschemes.com Readers
इस योजना का लाभ उठाने में सबसे बड़ी रुकावट ‘पुराना लेबर कार्ड’ बनती है। आवेदन करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपका श्रमिक पंजीकरण (Labor Registration) एक्टिव है और आपने समय पर अपना अंशदान जमा किया है। अगर आपका कार्ड एक्सपायर हो गया है, तो तुरंत किसी ‘जन सेवा केंद्र’ पर जाकर इसे रिन्यू कराएं, वरना आपके बच्चे का एडमिशन रुक सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q: क्या इसमें केवल लड़कों का एडमिशन होता है? जवाब: नहीं, इसमें लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए समान अवसर और अलग-अलग सुरक्षित हॉस्टल की व्यवस्था है।
Q: क्या स्कूल की किताबों के लिए पैसे देने होंगे? जवाब: बिल्कुल नहीं। पढ़ाई से जुड़ी हर चीज—किताबें, पेन, यूनिफॉर्म और रहने-खाने का पूरा खर्च सरकार उठाती है।
Q: मेरा जिला इस लिस्ट में नहीं है, मैं क्या करूं? जवाब: अभी यह योजना 12 जिलों में है, लेकिन सरकार जल्द ही इसे उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों (Divisions) में ‘अटल आवासीय विद्यालय’ के नाम से विस्तार दे रही है।
क्या आप गाजियाबाद या मेरठ के लेबर ऑफिस का पता जानना चाहते हैं? नीचे कमेंट में अपने ब्लॉक का नाम लिखें, हम आपको सही जानकारी देने में मदद करेंगे!


